डिजिटल सुरक्षा

UPI ठगी से बचने के 8 आसान नियम: पैसे लेने के लिए PIN कभी नहीं

"पैसे भेज रहा हूँ, PIN डालो", नकली QR कोड और स्क्रीन-शेयरिंग ऐप — UPI ठगी के आम तरीक़े और उनसे बचने के नियम।

हाथ में स्मार्टफ़ोन
Photo: Dennis Cortés cortes / Wikimedia Commons, CC0

आधिकारिक स्रोत: NPCI — UPI ↗

UPI ने भुगतान बहुत आसान बना दिया है, लेकिन ठग भी इसी आसानी का फ़ायदा उठाते हैं। ये नियम याद रखेंगे तो ज़्यादातर ठगी से बच जाएँगे।

8 नियम

  1. पैसे लेने के लिए UPI PIN कभी नहीं डालना पड़ता। PIN सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए है। अगर कोई “पैसे पाने के लिए PIN डालें” कहे, तो वह ठगी है।
  2. QR कोड स्कैन करना = पैसे भेजना। पैसे पाने के लिए किसी का QR स्कैन करने की ज़रूरत नहीं होती।
  3. “Collect request” ध्यान से पढ़ें। अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट पर PIN डालते ही पैसे कट जाते हैं।
  4. स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें — “कस्टमर केयर” के कहने पर भी नहीं।
  5. कस्टमर केयर नंबर Google सर्च से न लें — ऐप के अंदर या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नंबर ही इस्तेमाल करें।
  6. पेमेंट से पहले नाम मिलाएँ — UPI ID डालने पर दिखने वाला नाम।
  7. “गलती से पैसे भेज दिए, वापस करो” वाले कॉल पर सीधे पैसे न लौटाएँ; पहले अपने बैंक/ऐप में लेन-देन जाँचें।
  8. ऐप लॉक और फ़ोन लॉक हमेशा चालू रखें।

ठगी हो जाए तो

तुरंत 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और बैंक को सूचित करें। पूरी प्रक्रिया: साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें।

NewsByP टीम

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