UPI ने भुगतान बहुत आसान बना दिया है, लेकिन ठग भी इसी आसानी का फ़ायदा उठाते हैं। ये नियम याद रखेंगे तो ज़्यादातर ठगी से बच जाएँगे।
8 नियम
- पैसे लेने के लिए UPI PIN कभी नहीं डालना पड़ता। PIN सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए है। अगर कोई “पैसे पाने के लिए PIN डालें” कहे, तो वह ठगी है।
- QR कोड स्कैन करना = पैसे भेजना। पैसे पाने के लिए किसी का QR स्कैन करने की ज़रूरत नहीं होती।
- “Collect request” ध्यान से पढ़ें। अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट पर PIN डालते ही पैसे कट जाते हैं।
- स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें — “कस्टमर केयर” के कहने पर भी नहीं।
- कस्टमर केयर नंबर Google सर्च से न लें — ऐप के अंदर या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नंबर ही इस्तेमाल करें।
- पेमेंट से पहले नाम मिलाएँ — UPI ID डालने पर दिखने वाला नाम।
- “गलती से पैसे भेज दिए, वापस करो” वाले कॉल पर सीधे पैसे न लौटाएँ; पहले अपने बैंक/ऐप में लेन-देन जाँचें।
- ऐप लॉक और फ़ोन लॉक हमेशा चालू रखें।
ठगी हो जाए तो
तुरंत 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और बैंक को सूचित करें। पूरी प्रक्रिया: साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें।
