AI टूल्स की मदद से किसी की आवाज़ की नकल करना और नकली वीडियो बनाना पहले से आसान हो गया है। ठग इसका इस्तेमाल करके किसी रिश्तेदार, दोस्त या अधिकारी की आवाज़ में कॉल करते हैं और तुरंत पैसे माँगते हैं।
आम तरीक़े
- “मेरा एक्सीडेंट हो गया है / मैं पुलिस हिरासत में हूँ, तुरंत पैसे भेजो” — रिश्तेदार की नकली आवाज़ में।
- वीडियो कॉल पर किसी जान-पहचान वाले जैसा चेहरा, लेकिन छोटी और धुंधली कॉल।
- किसी मशहूर व्यक्ति के नकली वीडियो में निवेश या “फ़्री स्कीम” का प्रचार।
बचाव के नियम
- फ़ैमिली कोड वर्ड तय करें — ऐसा शब्द जो सिर्फ़ परिवार जानता हो; इमरजेंसी में पूछें।
- कॉल काटकर ख़ुद वापस कॉल करें — उसी व्यक्ति के सेव किए हुए नंबर पर।
- जल्दबाज़ी को ख़तरे का संकेत मानें — “अभी के अभी” और “किसी को मत बताना” ठगी की निशानी है।
- पैसे भेजने से पहले किसी दूसरे सदस्य से बात करें।
- सोशल मीडिया पर निजी वीडियो/आवाज़ सार्वजनिक कम रखें।
ठगी हो जाए तो
तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। विस्तार से: साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें।
